
Song: Alakh Niranjan
Singer: Aditya
Label: Aditya
Release date: May 7, 2026
Alakh Niranjan Lyrics In Hindi- Aditya
माया लेकर आए मच्छिंद्र
झोली में युग, भस्म, अंबर
रुद्र माला, वैराग्य छाया
भोग मोक्ष का भेद दिखाया
नाथ पंथ के दादा गुरु
काया पलटे सत्य शुरू
अलख निरंजन आदेश
एक ही संदेश, आदेश!
काल कर्म क्लेश भस्म
जोगी निर्विशेष
आदेश, आदेश
आगे आगे गोरख जागे
अलख निरंजन
काल का लेखा पल में जले
अघोर अग्नि में भाग्य ढले
ॐ राम राम राम, हूं हूं फट
क्रीं कालाग्नये आदेश तत
अलख निरंजन, आदेश, आदेश
जड़ से चेतन, टूटे हर बंधन
अलख निरंजन, आदेश, आदेश
शब्द सांचा पिंड कांचा
चलो मंत्र ईश्वरो वाचा
भगवा वेश, हाथ में खप्पर
भैरव रूप, शिव का जपकर
जहाँ जहाँ जाऊँ नगर डगर
लगे वहाँ फिर जोगी मेला
शिव का धूना गोरख तापे
काल कंटक थर थर कांपे
हूं फट, हूं फट, हूं फट
जब नाथ करे मेरी रक्षा
चारों युग में साथ की यक्ष
हनुमंत बलवान करे भय का नाश
रोग शोक कटे पल में आज
रिद्धि सिद्धि आँगन आए
अन्नपूर्णा अन्न बरसाए
मैं न देह, मैं न नाम
मैं केवल ज्वाला, केवल राम
शब्द सांचा पिंड कांचा
ईश्वरो वाचा सत्य रचा
जो कहा सो हुआ
नाथ की वाणी ब्रह्म सत्य
ॐ, क्रीं हूं फट
काल कर्म क्लेश भस्म स्वाहा
आदेश, आदेश, आदेश
आदेश, आदेश, आदेश
ॐ गुरु जी
गोरख जाती मच्छेंद्र का चेला
शिव के रूप में दिखे अलबेला
कानों कुंडल गले में नाड़ी
हाथ त्रिशूल नाथ है आदि
अलख पुरुष को करूं आदेश
जनम जनम के काटो क्लेश
भगवा वेश हाथ में खप्पर
भैरव शिव का चेला
जहाँ जहाँ जाऊँ नगर डगर
लगे वहाँ फिर मेला
शिव का धूना गोरख तापे
काल कंटक थर थर कांपे
मेरी रक्षा करे नव नाथ
राम दूत हनुमंत बलवंत
रिद्धि सिद्धि आँगन विराजे
माई अन्नपूर्णा सुखवंत
शब्द सांचा पिंड कांचा
चलो मंत्र ईश्वरो वाचा, आदेश
अलख निरंजन आदेश, आदेश
सब में समाया एक ही प्रकाश
न ऊँचा कोई, न कोई नीचा
एक समान ज्योत का आकाश, आदेश
अलख निरंजन, आदेश, आदेश
शिव में जीव सहज ही लीन
अनंत से अनंत तक
पाए शिवतत्व योगी प्रवीण
घट में ज्योत है
ज्योत में घट
जो खोजे बाहर
वो भीतर ही बसे
ॐ शिवगोरक्ष
आदेश, आदेश